त्वरित टीकाकरण अभियान के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों की उच्च दर ने साल-दर-साल आधार पर जुलाई 2021 में भारत के घरेलू हवाई यात्री यातायात में इजाफा किया है. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, भारत का घरेलू हवाई यात्री वॉल्यूम – राजस्व यात्री किलोमीटर (आरपीके) में मापा जाता है. भारत चीन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, जापान और अमेरिका जैसे प्रमुख विमानन बाजारों में से एक है.Also Read - Maharashtra News: लॉकडाउन के दौरान बिजनेस में लगा घाटा तो कारोबारी करने लगा सेंधमारी, पुलिस ने ऐसे दबोचा

भारत में आरपीके की वृद्धि जुलाई में 123 प्रतिशत बढ़ी, जब 2020 की समान अवधि के स्तरों की तुलना में. Also Read - Kamal Ka Chor Nikla: चोरी के लिए घर में घुसा ये चोर, आरामदायक बिस्तर मिला तो वहीं सो गया | सुबह उठा तो...

देश की घरेलू उपलब्ध यात्री क्षमता उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) में मापी गई 96.1 प्रतिशत से अधिक थी. Also Read - Seaplane Service in UP: वाराणसी और गोरखपुर के बीच शुरू होगी 'सी प्लेन' सेवा, योगी सरकार ने बनाई योजना

हालांकि, 2019 के स्तर की तुलना में आरपीके (माइनस) 59.4 फीसदी नीचे था.

इसके अलावा, एएसके 2019 की इसी अवधि की तुलना में जुलाई में (माइनस) 47.1 प्रतिशत कम था.

(With IANS Inputs)