PF Account: केंद्र सरकार ने नए आयकर नियमों को अधिसूचित किया है, जिसके तहत मौजूदा भविष्य निधि खातों (PF Account) को दो अलग-अलग खातों में विभाजित किया जाएगा. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर नियमों को अधिसूचित किया है, जिसमें एक निश्चित सीमा से अधिक भविष्य निधि (PF) में जमा ब्याज आय पर कर लगेगा. यह नियम उन लोगों पर लागू होगा, जिनका पीएफ खाते में एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का योगदान है. सीबीडीटी के मुताबिक नए नियम को लागू करने के लिए मौजूदा पीएफ खातों को दो अलग-अलग खातों में बांटा जाएगा.Also Read - EPFO Update: दिवाली से पहले 6 करोड़ लोगों को सरकार देगी बड़ा तोहफा, खाते में जमा करेगी पैसे; जानें- कैसे चेक करें बैलेंस?

क्या है नया नियम? Also Read - EPFO E-Nomination: अगर EPFO से लेना चाहते हैं ये फायदे तो सबसे पहले फाइल करें ई-नॉमिनेशन, जानें- क्या है प्रक्रिया?

नए नियम के तहत, गैर-कर योग्य पीएफ योगदान में इस वर्ष मार्च तक की शेष राशि होगी और व्यक्ति द्वारा 2021-22 और पिछले वर्षों में किया गया योगदान, जो कर योग्य योगदान खाते में शामिल नहीं है और जो सीमा के भीतर है. सीमा से अधिक जमा की गई राशि कर योग्य अंशदान खाते में होगी और उस पर अर्जित ब्याज पर कर लगेगा. नए नियम अगले साल 1 अप्रैल से लागू होंगे. Also Read - 2.5 लाख रुपए से अधिक PF योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्‍स कैलकुलेशन के ये Rules हुए जारी

टैक्स फ्री इंटरेस्ट लिमिट 2.5 लाख तय सरकार के अनुमान के मुताबिक अधिक आय वाले करीब 1,23,000 लोगों को उनके भविष्य निधि खाते में कर मुक्त ब्याज से 50 लाख रुपये से अधिक प्राप्त हो रहे हैं. इस साल के बजट में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भविष्य निधि योगदान पर कर मुक्त ब्याज सीमा 2.5 लाख रुपये तय की थी. अगर किसी व्यक्ति के खाते में नियोक्ता का योगदान नहीं है तो उसके लिए सीमा 5 लाख रुपये होगी.