Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सात घंटे के दौरान 101 महिलाओं की कथित रूप से नसबंदी करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि जिले के मैनपाट के नर्मदापुर गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 अगस्त को कथित रूप से सात घंटे में 101 महिलाओं की नसबंदी की गई थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं.Also Read - Encounter in UP: STF ने एक लाख के इनामी अंतरराज्यीय अपराधी को किया ढेर, 4 राज्‍यों में 32 केस दर्ज हैं

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉक्टर आलोक शुक्ला ने आज बताया कि नसबंदी शिविर में अनियमितता की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं. जांच के बाद ही इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी. शुक्ला ने बताया कि नसबंदी शिविर में एक ही दिन में 101 महिलाओं की नसबंदी होने की जानकारी मिली है. हालांकि यह भी जानकारी मिली है कि महिलाओं की स्थिति सामान्य है. Also Read - Chhattisgarh: बीजापुर जिले में प्रेशर बम ब्‍लास्‍ट में CRPF जवान घायल

अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत शिविर में एक दिन में एक चिकित्सक अधिकतम 30 महिलाओं की नसबंदी कर सकता है. इस बात की जांच की जा रही है कि किस स्थिति में वहां मौजूद अधिकारियों ने शासन के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है. Also Read - Chhattisgarh: पत्नी ने धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ना और गोमांस खिलाने का आरोप लगाया, पति समेत तीन अरेस्‍ट

गौरतलब है कि सरगुजा क्षेत्र के स्थानीय अखबारों में नसबंदी शिविर में अनियमितताओं की खबर छपने के बाद जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी पी. एस. सिसोदिया ने 29 अगस्त को नसबंदी करने वाले चिकित्सक डॉक्टर जिबनूस एक्का और खंड चिकित्सा अधिकारी आर. एस. सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया. अधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति भी बनाई है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नवंबर 2014 में आयोजित एक नसबंदी शिविर में एक ही दिन में 83 महिलाओं की नसबंदी कर दी गई थी. बाद में तबीयत बिगड़ने के कारण इनमें से 13 महिलाओं की मौत हो गई थी.

(इनपुट भाषा)