Shani Pradosh Vrat 2021 Date: भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत 4 सितंबर 2021 के दिन पड़ रहा है. प्रदोष व्रत हर माह में त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है. शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि प्रदोष व्रत जाता है. प्रदोष व्रत में भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना की जाती है. वहीं शनि प्रदोष व्रत (Kab Hai Shani Pradosh Vrat) में शिव-पार्वती की पूजा के साथ-साथ शनि देव की भी पूजा की जाती है. प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है. मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था.Also Read - Shani Trayodashi/Pradosh 2021 Date: इस दिन मनाई जाएगी शनि त्रयोदशी, जानें डेट, महत्व और पूजा विधि

शनि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Shani Pradosh Vrat 2021 Shubh Muhurat) Also Read - Shani Pradosh Vrat 2021: 8 मई को है शनि प्रदोष व्रत, सुख-शांति-समृद्धि के लिए भगवान शिव की करें अराधना

त्रियोदशी तिथि का आरंभ- 4 सितंबर, 2021, शनिवार, सुबह 8:24 बजे
तिथि का समापन- 5 सितंबर रविवार, 8:21 बजे

प्रदोष व्रत की पूजा विधि (Shani Pradosh Vrat Puja Vidhi)

इस दिन सूरज उगने से पहले स्नान करके साफ़ वस्त्र धारण कर लें एवं व्रत का संकल्प करें. शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अथवा घर पर ही बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, गंगाजल आदि से भगवान शिव की पूजा करें. शिवजी की कृपा पाने के लिए भगवान शिव के मन्त्र ॐ नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें. प्रदोष बेला में फिर से भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद गंगाजल मिले हुए शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक करें. शिवलिंग पर शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें. इसके बाद शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें एवं शिव चालीसा का पाठ करें. तत्पश्चात कपूर प्रज्वलित कर भगवान की आरती कर भूल-चूक की क्षमा मागें.