C 1.0 Covid Variant Spreads In India: दक्षिण अफ्रीका और कुछ अन्य देशों में पाया गया कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट सी.1.2 वायरस के पहले के स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है और कोविड-19 टीके द्वारा प्रदान किए जाने वाले सुरक्षा कवच को भेद सकता है.Also Read - यूपी में 8 करोड़ लोगों को लगी वैक्सीन, सबसे ज्यादा टीका लगाने वाला देश का पहला राज्य बना

संक्रामक रोग विशेषज्ञ और महाराष्ट्र कोविड-19 कार्यबल के सदस्य डॉ. वसंत नागवेकर ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. Also Read - हाईकोर्ट ने कहा- इच्छुक लोगों को कोविशील्ड टीके की दूसरी खुराक 4 सप्ताह बाद लेने की अनुमति दे केंद्र सरकार

डॉ नागवेकर ने कहा कि कोरोना वायरस के नये स्वरूप की उत्परिवर्तन दर वायरस के अन्य स्वरूपों के मुकाबले दोगुणा अधिक है. हालांकि, उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के इस नये स्वरूप के बारे में अभी बहुत कम जानकारी ही उपलब्ध है और इसके विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है. Also Read - Corona Vaccine Guideline: कैसे पता चलेगा आपने जो कोरोना वैक्सीन ली, वो असली है या नकली, ऐसे पहचानें

डॉ नागवेकर ने एक वक्तव्य में कहा, “सार्स-कोव-2 वायरस के एक नये स्वरूप सी.1.2 की दक्षिण अफ्रीका और कुछ अन्य देशों में पहचान की गयी है. इसको लेकर चिंता जताई जा रही है कि यह अधिक संक्रामक हो सकता है और कोविड-19 टीके द्वारा प्रदान किए जाने वाले सुरक्षा कवच को भेद सकता है. कोरोना वायरस का यह स्वरूप पहले पाए गए अन्य स्वरूपों की अपेक्षा अधिक तेज गति से उत्परिवर्तन करता है.”