Nipah Virus: एक तरफ देश में सबसे ज्यादा कोरोना की मार झेल रहे केरल में अब घातक एक और जानलेवा वायरस निपाह के संक्रमण से एक 12 साल के बच्चे की मौत ने नया संकट खड़ा कर दिया है. निपाह वायरस से संक्रमित ये  मामला केरल (Kerala) के कोझिकोड जिले में मिला है. कोझीकोड  में  12 वर्षीय बच्चे में निपाह वायरस संक्रमण के लक्षण मिलने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी इलाज के दौरान आज मौत हो गई है. यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी है.Also Read - Kerala Corona Update: केरल में एक बार फिर 30 हजार से ज्यादा नए केस, बीते 24 घंटे में 181 लोगों की मौत

निपाह वायरस से आज सुबह बच्चे की मौत हो गई, इससे पहले उसमें इन्सेफलाइटिस के लक्षण नजर आए थे और अस्पताल में जांच के बाद निपाह वायरस की संभावना व्यक्त की गई थी. निपाह के संदिग्ध संक्रमण की सूचना मिलने के बाद राज्य सरकार ने शनिवार देर रात स्वास्थ्य अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है. Also Read - Nipah Virus: निपाह वायरस पर नया शोध, वैज्ञानिकों ने कहा- ये वैक्सीन हो सकती है मददगार

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इस स्थिति को संभालने के लिए टीमों का गठन किया है. संपर्क ट्रेसिंग और अन्य उपाय पहले ही शुरू कर दिए गए हैं. फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है. Also Read - Nipah Virus: निपाह वायरस Vs कोरोना वायरस, जानें कौन सा वायरस है ज्यादा खतरनाक?

A suspected case of Nipah virus, a 12-year-old who presented with features of encephalitis and myocarditis was reported on September 3 from Kozhikode district in Kerala. The boy was hospitalised and passed away today morning: Govt of India

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि अबतक मृतक बच्चे के परिवार के किसी सदस्य में अबतक वायरस के किसी तरह के लक्षण नहीं मिले हैं. मैं आज कोझिकोड जाऊंगी.

देश में पहली बार कोझिकोड में मिला था ये जानलेवा वायरस

दक्षिण भारत में निपाह वायरस का पहला मामला केरल के कोझीकोड जिले में 19 मई, 2018 को दर्ज किया गया था. राज्य में एक जून, 2018 तक 17 मौतें और वायरस के कुल 18 पुष्ट मामले देखे गए थे. 2018 में पहली बार केरल में दस्तक देने वाले निपाह को डेडली वायरस भी कहा गया था. दरअसल इस वायरस से संक्रमित 75 फीसद लोगों की मौत हो जाती है क्योंकि इसके उपचार के लिए अब तक न तो कोई दवा और न ही कोई वैक्सीन उपलब्ध है.

मलेशिया में सबसे पहले मिला था निपाह वायरस

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह गांव में इस वायरस का सबसे पहले पता चला था और इस गांव के नाम पर ही इसका नाम निपाह पड़ा था. इसके बाद सिंगापुर में निपाह का मामला सामने आया था. बता दें कि 2001 में भारत और 2004 में बांग्लादेश के कुछ लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए थे.

ऐसे फैलता है ये जानलेवा वायरस

यह जानलेवा वायरस सबसे अधिक दिमाग को नुकसान पहुंचता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) के अनुसार उस वक्त यह सूअर से इंसानों में फैला था. विशेषज्ञों के अनुसार निपाह वायरस मुख्यत: चमगादड़ से फैलता है. ऐसे चमगादड़ को फ्रूट बैट कहा जाता है जो फल खाते हैं और अपनी लार को फल पर छोड़ देते हैं. ऐसे फल को खाने वाले जानवर अथवा इंसान निपाह वायरस से संक्रमित हो जाते हैं.

जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

चमगादड़ से इंसानों में फैलने वाले इस संक्रमण के आम लक्षणों में- नर्वस इंफ्लेशन, सीजन, भयानक सिर दर्द, उल्टियां, बेहोशी और मतली हैं. निपाह वायरस से बचाव के लिए सफाई का विशेष ध्यान रख होगा. खाना खाने से पहले और खाने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से जरूर धोएं. दूषित फलों को खाने से बचें. खासकर दूषित खजूर को खाने से बचें. संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें.