UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हजरतगंज कोतवाली में शायर मुनव्‍वर राना (Munawwar Rana) के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. मालूम हो कि मुनव्‍वर राना ने वाल्मीकि समुदाय की तुलना तालिबान से की थी. अदालत ने राना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपना काम करना चाहिए और किसी भी समुदाय पर टिप्पणी नहीं करना चाहिए.Also Read - UP News: पीलीभीत में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए राना के वकील से पूछा, ‘आप (राना) इस तरह की टिप्पणी क्यों करते हैं. आप जो काम करते हैं, वह क्यों नहीं करते हैं.’ राना ने अदालत में सरोकार फाउंडेशन के उपाध्‍यक्ष पीएल भारती द्वारा उनके खिलाफ 20 अगस्त को दर्ज कराई गई प्राथमिकी को चुनौती दी थी और मामले की विवेचना के दौरान अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अनुरोध किया था. Also Read - UP News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में देवर और भाभी ने की खुदकुशी

भारती ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि ‘राना ने कहा है कि तालिबान भी दस साल बाद वाल्मीकि होगा. यह कथन भगवान वाल्मीकि और उनके अनुयायियों का अपमान करने के समान है जो उन्हें अपने भगवान के रूप में मानते हैं. यह पूरे दलित समुदाय का भी अपमान है.’ Also Read - UP News: स्पेशल PMLA कोर्ट ने यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को जारी किया समन, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला...

भारती ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में राना पर यह आरोप लगाया था. राना के वकील ने पीठ के समक्ष दलील दी कि उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता क्योंकि यह उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और आपराधिक मामला दर्ज करके इसे दबाया नहीं जा सकता है. वकील ने यह भी दलील दी कि राजनीतिक कारणों से मामला दर्ज किया गया लिहाजा अदालत को दखल देना चाहिए.

(इनपुट: भाषा)