West Bengal By Polls 2021: भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन और ओडिशा की एक सीट लिए उपचुनाव की तारीखों की घोषणा आज कर दी है. चुनाव आयोग के इस घोषणा के बाद बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और उसकी मुखिया ममता बनर्जी को बड़ी राहत मिली है. टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा अब टल गया है. कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को उपचुनाव होंगे. ममता बनर्जी इसी सीट से चुनाव लड़ने वाली हैं.Also Read - उप चुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी कांग्रेस, प्रदेश कमेटी की बैठक में हुआ फैसला

जानिए कब कहां डाले जाएंगे वोट Also Read - TMC MP अभिषेक बनर्जी दिल्‍ली में ED के समक्ष पेश हुए, मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ हुई

चुनाव आयोग के मुताबिक 30 सितंबर को पश्चिम बंगाल के भवानीपुर के साथ ही समसेरगंज और जंगीरपुर और पिपली (ओडिशा) में भी उपचुनाव होंगे. उपचुनाव के वोटों की गिनती 3 अक्टूबर को होगी. 13 सितंबर को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारिख होगी और वहीं कैंडिडेट 16 सितंबर से पहले तक अपना नाम वापस ले सकते हैं. Also Read - सीने में दर्द की शिकायत के बाद TMC नेता मुकुल रॉय कोलकाता के SSKM अस्पताल में भर्ती

चुनाव आयोग ने कहा कि संवैधानिक आवश्यकता और पश्चिम बंगाल राज्य के विशेष अनुरोध पर विचार करते हुए भवानीपुर (ममता बनर्जी की परंपरागत सीट) के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया गया है. आयोग द्वारा कोरोना से बचाव के लिए अत्यधिक सावधानी के रूप में बहुत सख्त मानदंड बनाए गए हैं.

बता दें कि बंगाल में सात सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वे हैं- मुर्शिदाबाद में जंगीपुर और समसेरगंज, 24 दक्षिण परगना में गोसाबा, दक्षिण मेदनीपुर में खरगपुर, नादिया में शांतिपुर, कूचबिहार में दिनहाटा और भवानीपुर. लेकिन निर्वाचन आयोग ने फिलहाल तीन सीटों पर ही चुनाव की तारीखाों का ऐलान किया है.

चुनाव आयोग की घोषणा से टीएमसी ने ली राहत की सांस

चुनाव आयोग की इस घोषणा से ममता बनर्जी और बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, टीएमसी ने राहत की सांस ली है. ममता की सीट पर उपचुनाव कराने के लिए टीएमसी दिन-रात एक की हुई थी. इसकी वजह यह थी कि अगर ममता बनर्जी 5 नवंबर तक विधानसभा की सदस्य नहीं बन पाती हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद की कुर्सी से हटना पड़ेगा. ऐसे में जैसे-जैसे यह तारीख नजदीक आ रही थी, तृणमूल कांग्रेस की बेचैनी बढ़ती जा रही थी तो वहीं भाजपा कोरोना का हवाला देकर उपचुनाव का विरोध कर रही थी.